नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026 पेश करते हुए आम लोगों और उद्योग जगत को बड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेश से आयात किए जाने वाले सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि अब विदेश से पर्सनल इस्तेमाल के लिए लाए जाने वाले सभी ड्यूटी योग्य सामानों पर कम टैक्स देना होगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने बैटरी स्टोरेज के लिए लिथियम आयन सेल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी छूट बढ़ाने की भी घोषणा की।
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज से जुड़े उनके प्रस्तावों का उद्देश्य टैरिफ ढांचे को सरल बनाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करना, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और ड्यूटी इनवर्जन जैसी समस्याओं को दूर करना है।
सरकार ने लंबे समय से चली आ रही कुछ कस्टम ड्यूटी छूट को समाप्त करने का भी प्रस्ताव रखा है। ये छूट उन उत्पादों पर हटाई जाएंगी, जो अब देश में ही बनाए जा रहे हैं या जिनका आयात बहुत सीमित है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि किसी विशेष उत्पाद पर लागू ड्यूटी दर की जानकारी को आसान बनाने के लिए अलग-अलग कस्टम नोटिफिकेशन में दी गई प्रभावी दरों को अब सीधे टैरिफ शेड्यूल में शामिल किया जाएगा, जिससे व्यापार और उद्योग को स्पष्टता मिलेगी।
इसके अलावा सरकार ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जबकि 2026-27 में इसके 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

