केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को फ्यूचर और ऑप्शन से जुड़े निवेशकों को बड़ा झटका देते हुए सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी की घोषणा की। बजट ऐलान के तहत फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले के तुरंत बाद शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर डेरिवेटिव से जुड़े शेयरों और बैंकिंग सेक्टर पर इसका नकारात्मक असर दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि STT में यह बढ़ोतरी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग को महंगा बनाएगी, जिससे फ्यूचर और ऑप्शन सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम घट सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों में घबराहट देखने को मिली और बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई।
हालांकि सरकार का तर्क है कि इस कदम से बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी पर रोक लगेगी और लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन फिलहाल इस फैसले का सीधा असर शेयर बाजार की चाल पर पड़ता दिख रहा है।

