सलोनी तिवारी: हिंदू धर्म में ज्ञान, विद्या, कला और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए बसंत पंचमी का पर्व अत्यंत शुभ माना गया है। यह पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने से साधकों को विद्या, विवेक और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
बसंत पंचमी न केवल पूजा-पाठ का पर्व है, बल्कि इसे अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। इस दिन किए गए शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं बसंत पंचमी पर किए जाने वाले पूजा-पाठ, दान और उपाय, जिनसे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और भक्तों का कल्याण करती हैं।
1. बसंत पंचमी पर करें शुभ कार्य की शुरुआत
हिंदू धर्म में बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना अत्यंत फलदायी होता है। यदि आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, पढ़ाई से जुड़ा कोई कार्य, लेखन, संगीत या कला क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो यह दिन बेहद शुभ है।
इसके अलावा अन्नप्राशन, मुंडन, सगाई, विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य भी इस दिन बिना किसी चिंता के किए जा सकते हैं।
2. मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा करें
बसंत पंचमी के दिन प्रातः स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, पीले वस्त्र, केसर, हल्दी, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
मां को प्रिय खीर, बूंदी या पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाएं और “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
3. विद्या और बुद्धि के लिए करें ये उपाय
यदि पढ़ाई में मन नहीं लगता या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिल रही है, तो बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के चरणों में कॉपी, किताब और कलम अर्पित करें। पूजा के बाद इन्हें उपयोग में लें। इससे एकाग्रता बढ़ती है और विद्या में प्रगति होती है।
4. दान से मिलेगा विशेष फल
इस दिन जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कॉपियां, पेन, पीले वस्त्र या पीले फल दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे मां सरस्वती शीघ्र प्रसन्न होती हैं और जीवन में ज्ञान व यश की वृद्धि होती है।
5. बच्चों के लिए अक्षर अभ्यास का शुभ दिन
बसंत पंचमी को बच्चों के विद्यारंभ संस्कार के लिए भी उत्तम दिन माना गया है। इस दिन बच्चों से पहली बार “ॐ” या वर्णमाला लिखवाने से उनमें बुद्धि और स्मरण शक्ति का विकास होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अंशिका मीडिया किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करता। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

