नई दिल्ली/नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के असुरक्षित बेसमेंट में गिरकर 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
SIT में मंडलायुक्त मेरठ, एडीजी जोन मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को शामिल किया गया है। यह टीम पांच दिनों के भीतर मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। जांच में निर्माणाधीन मॉल की सुरक्षा व्यवस्था, बेसमेंट निर्माण की अनुमति, और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन समीक्षा की जाएगी।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया गया है। वहीं, ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को सुरक्षा में चूक और लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा बेसमेंट निर्माण और यातायात सुरक्षा से जुड़े अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं का दोबारा सुरक्षा ऑडिट (सेफ्टी ऑडिट) कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा।
यह मामला प्रदेश में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है, जिस पर अब सरकार ने कड़ा संदेश देते हुए जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

