सलोनी तिवारी : चित्रकूट। धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र चित्रकूट में आज शतचंडी महायज्ञ के पावन अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह कलश यात्रा तरौंहा खाकी अखाड़ा से महंत अमृतदास महाराज के नेतृत्व में निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और अखाड़े से जुड़े अनुयायियों ने सहभागिता की।
इस भव्य कलश यात्रा में नादी तौरा हनुमान मंदिर के महंत जी, संतोषी अखाड़ा के महंत श्री रामजी दास जी तथा निर्मोही अखाड़ा के साधु-संत भी विशेष रूप से शामिल हुए। सभी संतों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

शोभायात्रा पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान, शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निकाली गई। साधु-संत हाथों में धर्मध्वजा लिए हुए चल रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सनातन परंपराओं से ओतप्रोत दिखाई दिया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
महंत अमृतदास महाराज ने कहा कि शतचंडी महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा विश्व कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना करना है। कार्यक्रम के शांतिपूर्ण संचालन में स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों का सहयोग सराहनीय रहा।
इनफार्मेशन : प्रिया श्रीवास्तव (चित्रकूट)

