सलोनी तिवारी : कानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज कानपुर दक्षिण के विश्वबैंक क्षेत्र के सेक्टर-ई में एक भव्य विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में नागरिकों, स्वयंसेवकों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आरएसएस के सौ वर्षों की राष्ट्रसेवा यात्रा, समाज जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
इस अवसर पर नितेश्वर आश्रम के महंत बाल योगी श्री योगेन्द्र मुनि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में लेफ्टिनेंट श्रीमती शैलजा रावत एवं डा० विवेक सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्री श्रीराम जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में प्रांत प्रचारक श्री श्रीराम जी ने आरएसएस के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ ने समाज को संगठित करने, राष्ट्रभाव जागृत करने और सेवा कार्यों के माध्यम से देश को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने “पंच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने, नागरिक कर्तव्यों के पालन और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन केवल विचार नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का मार्ग है।
मुख्य अतिथि महंत बाल योगी श्री योगेन्द्र मुनि ने सनातन संस्कृति की रक्षा और हिन्दू समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि संघ का सौ वर्षों का कार्य राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा है। उन्होंने युवाओं से संस्कारवान जीवन और सेवा भावना को अपनाने का संदेश दिया। वहीं लेफ्टिनेंट श्रीमती शैलजा रावत ने नारी शक्ति, राष्ट्रसेवा और अनुशासन पर अपने विचार रखे तथा डा० विवेक सिंह ने सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह विराट हिन्दू सम्मेलन सेक्टर-ई एवं सेक्टर-डी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आयोजन समिति के प्रमुख श्री कुवरपाल जी रहे। समिति के सक्रिय सदस्यों में श्री अमित, श्री योगेश, श्री महेश, श्री रामसुरेश, श्री संजय, श्री शिवकुमार एवं श्री शिवबालक शामिल रहे, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती नीता अवस्थी ने कुशलता से किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जय सिंह जी ने की। अंत में अध्यक्षीय संबोधन में सभी अतिथियों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया।
आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह विराट हिन्दू सम्मेलन समाज में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और संगठन शक्ति का सशक्त संदेश देकर सम्पन्न हुआ।

