पूर्वी चंपारण (बिहार) से एक ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग के दर्शन के लिए पूर्वी चंपारण में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। विराट रामायण मंदिर के लिए तैयार किया गया यह शिवलिंग अपने आप में एक अद्भुत कृति है, जिसका वजन करीब 210 मीट्रिक टन और ऊंचाई लगभग 33 फीट है।
यह विशाल शिवलिंग जैसे ही बिहार की सीमा में पहुंचा, वैसे ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने लायक रहा। डुमरियाघाट पुल पर हजारों की संख्या में लोगों ने रुककर भगवान शिव के इस विराट स्वरूप के दर्शन किए। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इतनी विशाल और भव्य शिव प्रतिमा को पहली बार देखने का सौभाग्य मिला है। श्रद्धालुओं ने फूल-माला, अगरबत्ती और मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने इसे बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया।
बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण में बनने वाले विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा। मंदिर निर्माण को लेकर पहले से ही देश-विदेश में चर्चा है और अब इस विराट शिवलिंग के आगमन से श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह और बढ़ गया है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शिवलिंग को आगे ले जाया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के इतने विशाल स्वरूप के दर्शन मात्र से ही भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि रास्ते में जगह-जगह लोग घंटों इंतजार कर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
कुल मिलाकर, दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग का बिहार आगमन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है।

