भारत सरकार ने अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के पहले नदी-तटीय प्रकाशस्तंभ (लाइटहाउस) बनाने की योजना बनाई है। इस परियोजना के तहत लगभग 84 करोड़ रुपये की लागत से पांडू, बोगीबील, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट पर आधुनिक लाइटहाउस का निर्माण किया जाएगा।
ये सभी प्रकाशस्तंभ सौर ऊर्जा से संचालित होंगे, जिससे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-संरक्षण वाली व्यवस्था विकसित की जा सकेगी। इन लाइटहाउस का मुख्य उद्देश्य ब्रह्मपुत्र नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-2) पर रात के समय सुरक्षित नौकायन को सुनिश्चित करना है।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से नदी मार्ग से माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा और जल परिवहन अधिक सुरक्षित व सुगम बनेगा। साथ ही ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे पर्यटन गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक नेविगेशन सुविधाओं के साथ यह पहल पूर्वोत्तर भारत में व्यापार और पर्यटन के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। ब्रह्मपुत्र नदी गलियारे में बढ़ती जल यातायात गतिविधियों को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूत कर सड़क और रेल परिवहन पर निर्भरता कम की जाए तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए। इस दिशा में ब्रह्मपुत्र नदी पर बनने वाले ये लाइटहाउस एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे

