सलोनी तिवारी: कानपुर। रंगों के त्योहार होली से पहले शहर में उत्साह का माहौल साफ दिखाई देने लगा है। कानपुर के विभिन्न मोहल्लों और चौराहों पर होलिका दहन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। शहर के कई इलाकों में लकड़ियां, उपले और सजावट का सामान इकट्ठा कर भव्य होलिका तैयार की गई है। रात के समय रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट के बीच सजी होलिका लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर युवाओं और मोहल्ला समितियों द्वारा मिलकर होलिका का निर्माण किया गया है। तस्वीर में भी देखा जा सकता है कि एक चौराहे पर लकड़ियों का बड़ा ढांचा बनाकर उस पर आकर्षक सजावट की गई है। ऊपर होलिका का पुतला स्थापित किया गया है, जिसे रंगीन कपड़ों और पारंपरिक आभूषणों से सजाया गया है। आसपास झालरों और लाइटों से माहौल को और भी उत्सवमय बना दिया गया है। राहगीर रुककर तस्वीरें ले रहे हैं और बच्चे उत्साह के साथ तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं।
कानपुर के किदवई नगर, गोविंद नगर, स्वरूप नगर, बर्रा, नौबस्ता और कल्याणपुर समेत कई इलाकों में होलिका दहन के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। मोहल्ला समितियां सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी सतर्क हैं। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त गश्त की योजना बनाई है।
बाजारों में भी होली की रौनक देखने को मिल रही है। रंग, गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। खासकर बच्चों में होली को लेकर खास उत्साह है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार बिक्री में अच्छा इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं, महिलाएं भी पूजा सामग्री और विशेष पकवानों की तैयारी में जुटी हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग अग्नि के चारों ओर परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कानपुर में वर्षों से यह परंपरा सामूहिक रूप से निभाई जाती रही है, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी मिलता है।

