51 बटुकों का यज्ञोपवीत और दो कन्याओं का दहेज-मुक्त ‘आदर्श विवाह’ संपन्न

कानपुर | 20 फरवरी 2026 किदवई नगर स्थित श्री संकट मोचन विजय हनुमान एवं श्री दुर्गा मंदिर के पावन प्रांगण में शुक्रवार को सनातन परंपराओं और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। हनुमत गुरुकुल आश्रम के तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह में 51 बटुकों का उपनयन संस्कार (यज्ञोपवीत) और दो कन्याओं का पूर्णतः दहेज-मुक्त ‘आदर्श विवाह’ वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।

दहेज-मुक्त समाज का दिया गया संदेश

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को दहेज प्रथा जैसी कुरीति से मुक्त करने के लिए प्रेरित करना रहा। ‘सनातन वैवाहिक बंधन (पंजीकृत)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के मार्गदर्शन में यह संदेश दिया गया कि सादगीपूर्ण, संस्कारयुक्त और कुरीतियों से मुक्त विवाह ही वास्तविक सनातन परंपरा का प्रतीक है।

दोनों कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार बिना किसी दान-दहेज और दिखावे के, मर्यादा व शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज में बढ़ती दिखावटी प्रवृत्ति और आर्थिक बोझ को समाप्त करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है।

वेद मंत्रों की गूंज से भक्तिमय हुआ वातावरण

समारोह में विद्वान आचार्यों के सानिध्य में 51 बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न हुआ। आचार्य मंडल में पंडित विमल जी शास्त्री, आचार्य अरुण जी तिवारी (प्राचार्य, कलू मल संस्कृत महाविद्यालय), पंडित गंगाराम जी, पंडित दीपक जी, पंडित ज्ञानेंद्र मिश्रा और पंडित मुकेश द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संस्कार सम्पन्न कराए।

वेद मंत्रों की गूंज से पूरा किदवई नगर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। अभिभावकों ने इसे अपने बच्चों के जीवन का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पड़ाव बताया।

महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी

महिला मंडल अध्यक्ष नीलम चौहान और महामंत्री रेनू शुक्ला के नेतृत्व में बहनों ने बारातियों का द्वार-चार, पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया। मंगल गीतों और उत्साहपूर्ण नृत्य के बीच तिलक एवं फेरे की रस्में सम्पन्न हुईं।

महिला मंडल की ओर से सोनी मुकुंद गुप्ता, मधु मिश्रा, शालिनी अवस्थी, शालिनी गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने नव-दंपतियों को उपहार स्वरूप साड़ियाँ, बर्तन, वस्त्र और नकद राशि भेंट कर आशीर्वाद दिया।

जनसहयोग से सफल हुआ आयोजन

आयोजन की सफलता में संरक्षक डॉ. सुषमा सिंह, अनूप तिवारी और आचार्य मुकेश द्विवेदी के साथ राजकुमार सिंह, मुकुंद गुप्ता, विशाल त्रिपाठी, अमित राठौर, पुनीत जी, मयंक गुप्ता और अमित मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रानी गुप्ता, अर्चना राठौर, कंचन सक्सेना, संतोषी गुप्ता, बीना त्रिपाठी, विनीता ओमकार, अपर्णा, अंजू द्विवेदी, लक्ष्मी द्विवेदी, पिंकी तिवारी, सुषमा सिंह, मंजू पाल, आशा सिंह, सीमा त्रिपाठी, मनीषा मिश्रा और रंजना अवस्थी सहित दर्जनों महिला सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।

समाज के लिए प्रेरणादायी पहल

समारोह के अंत में आयोजकों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे दहेज-मुक्त सामूहिक विवाह और संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। उपस्थित लोगों ने इस पहल को सराहते हुए इसे दहेज-मुक्त और संस्कारवान समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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