गली-गली खुल रहे हैं “फिजियोथेरेपी क्लीनिक” — क्या आपका इलाज सुरक्षित हाथों में है?

नवदीप चतुर्वेदी : आजकल शहर हो या कस्बा, लगभग हर गली-मोहल्ले में फिजियोथेरेपी क्लीनिक खुले दिखाई दे रहे हैं। कमर दर्द, घुटनों की तकलीफ, सर्वाइकल, लकवा या स्पोर्ट्स इंजरी जैसी समस्याओं में लोग तेजी से फिजियोथेरेपी की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर क्लीनिक पर बैठा व्यक्ति प्रशिक्षित और योग्य फिजियोथेरेपिस्ट है? इलाज शुरू करने से पहले यह जांचना बेहद जरूरी है, वरना राहत की जगह नुकसान भी हो सकता है।

फिजियोथेरेपी एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें मांसपेशियों और हड्डियों की समस्याओं का इलाज व्यायाम, मैनुअल थेरेपी और आधुनिक मशीनों की मदद से किया जाता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति के पास Bachelor of Physiotherapy (BPT) या Master of Physiotherapy (MPT) जैसी डिग्री होना अनिवार्य है। कई राज्यों में पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) भी आवश्यक होता है। लेकिन तेजी से बढ़ती मांग के कारण कुछ स्थानों पर बिना पर्याप्त प्रशिक्षण या केवल शॉर्ट-टर्म कोर्स करने वाले लोग भी क्लीनिक खोल रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार गलत तकनीक से की गई थेरेपी नसों, जोड़ों या मांसपेशियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। कई मामलों में मरीजों की स्थिति पहले से ज्यादा खराब हो जाती है, जिससे उन्हें बाद में ऑर्थोपेडिक सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है। खासकर लकवा, स्लिप डिस्क या फ्रैक्चर के बाद की थेरेपी में प्रशिक्षित विशेषज्ञ का होना अत्यंत आवश्यक है।

कैसे करें सही फिजियोथेरेपिस्ट की पहचान?

  1. डिग्री और प्रमाणपत्र देखें: क्लीनिक में BPT/MPT की डिग्री और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रदर्शित होना चाहिए।

  2. अनुभव पूछें: कितने वर्षों का अनुभव है और किस प्रकार के मरीजों का इलाज किया है, यह जानना जरूरी है।

  3. डॉक्टर की सलाह: यदि समस्या गंभीर है, तो पहले ऑर्थोपेडिक या न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें और रेफर किए गए फिजियोथेरेपिस्ट के पास ही जाएं।

  4. मशीन और स्वच्छता: क्लीनिक में आधुनिक उपकरण और साफ-सफाई का विशेष ध्यान होना चाहिए।

  5. मरीजों की प्रतिक्रिया: पहले इलाज करा चुके मरीजों से फीडबैक लेना भी उपयोगी हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिना मान्यता के क्लीनिक चलाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि केवल सस्ते या नजदीकी क्लीनिक देखकर निर्णय न लें, बल्कि योग्यता और अनुभव को प्राथमिकता दें।

तेजी से बदलती जीवनशैली में फिजियोथेरेपी की जरूरत बढ़ी है, लेकिन सही विशेषज्ञ का चयन ही सुरक्षित और प्रभावी इलाज की कुंजी है। याद रखें—आपका स्वास्थ्य अमूल्य है। इसलिए किसी भी फिजियोथेरेपी क्लीनिक में जाने से पहले उसकी योग्यता और अनुभव की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि इलाज लाभदायक हो, नुकसानदायक नहीं।

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