मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 250 बेड ट्रॉमा सेंटर को दी मंजूरी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप विश्वविद्यालय के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के निर्देश दिए। यह ट्रॉमा सेंटर सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित, आधुनिक और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन स्वयं विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते यातायात और दुर्घटनाओं की दृष्टि से यह ट्रॉमा सेंटर अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। इससे गोल्डन ऑवर में मरीजों को जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा और मृत्युदर में प्रभावी कमी आएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश भी दिए। उन्होंने इसके लिए एक व्यापक और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डाटा एकीकरण और मोबाइल आउटरीच सेवाओं को शामिल किया जाए। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय में ‘इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट’ की स्थापना की जाएगी। इस यूनिट के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केंद्रित और समग्र उपचार प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित चिकित्सा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हैं। इन अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में व्यापक सुधार हो सके।

स्वास्थ्य जागरूकता और जनसंपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत विश्वविद्यालय में ‘कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस’ की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिससे आम नागरिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, जागरूकता कार्यक्रम और सेवाओं की सूचना प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता-आधारित तरीके से लागू किया जाए, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सके।

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