सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में MSME सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से ₹10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड शुरू करने और छोटे व मझोले शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का एक विशेष दस्ता तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा, “मैं भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए ₹10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव करती हूं।” इस फंड के जरिए छोटे और मीडियम एंटरप्राइजेज को निवेश, विस्तार और नवाचार के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बजट में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए एक नई योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है। इसके साथ ही सरकार छोटे-छोटे कोर्स के माध्यम से ‘कॉरपोरेट मित्र’ तैयार करेगी। ये कॉरपोरेट मित्र MSMEs को कंप्लायंस, मानव संसाधन (HR), कानूनी प्रक्रियाओं और व्यावसायिक सलाह में मदद करेंगे, जिससे छोटे उद्यमों को संचालन में आसानी मिल सके।
पिछले बजट 2025-26 में केंद्र सरकार ने स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी की सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दी थी, जिससे स्टार्टअप्स को कर्ज लेना आसान हुआ। वहीं, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए कवरेज 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई थी, जिससे अगले पांच वर्षों में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इसके अलावा, MSME के पुनर्वर्गीकरण के तहत टर्नओवर की सीमा को दोगुना किया गया था और पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक की सीमा वाले विशेष क्रेडिट कार्ड भी पेश किए गए थे। सरकार के इन कदमों से MSME सेक्टर को नई गति मिलने और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

