प्रयागराज माघ मेला-2026: मौनी अमावस्या स्नान शुरू

सलोनी तिवारी :माघ मेला-2026 के अंतर्गत मौनी अमावस्या का पावन स्नान शनिवार रात से शुरू हो गया है। संगम नगरी प्रयागराज आस्था के महासागर में तब्दील हो चुकी है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम पहुंच सकते हैं। भोर से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के अनुसार शनिवार रात से लेकर अब तक करीब 50 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि रविवार सुबह आठ बजे तक 1.3 करोड़ से अधिक भक्तों ने संगम में पुण्य स्नान किया। संगम नोज, अरैल, झूंसी सहित सभी प्रमुख घाटों पर देर रात तक स्नान का क्रम जारी रहा।

मौनी अमावस्या का पुण्यकाल शनिवार रात 12:04 बजे से शुरू होकर रविवार रात 1:22 बजे तक रहेगा। इस अवधि में स्नान-दान का विशेष महत्व बताया गया है। कुल मिलाकर मौनी अमावस्या 25 घंटे 18 मिनट तक पंचग्रहीय योग में रहेगी।मकर राशि में सूर्य और चंद्रमा की युति 18 जनवरी को सायं 4:41 बजे से शुरू होकर रात 1:22 बजे तक रहेगी। इस दौरान अमृत स्नान के लिए लगभग 8 घंटे 30 मिनट का विशेष काल प्राप्त हो रहा है। वहीं रविवार को सायं 4:21 बजे से रात्रि 9:23 बजे तक हर्षण योग को भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस बार मौनी अमावस्या पर दुर्लभ पंचग्रहीय योग बन रहा है। 18 जनवरी को शनि की राशि मकर में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक साथ विराजमान होंगे। एक ही राशि में पांच ग्रहों का संयोग ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा और कई राशियों के लिए यह योग करियर, कारोबार और स्वास्थ्य के लिहाज से लाभकारी सिद्ध होगा।

मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही संगम नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा था। शनिवार को ही करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने संगम समेत 24 घाटों पर पवित्र स्नान किया। सिर पर गठरी, कंधे पर झोला और हाथों में बैग लिए श्रद्धालु ‘हर-हर गंगे’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ संगम की ओर बढ़ते नजर आए।

भीड़ के चलते शहर के जीटी जवाहर चौराहा सहित कई प्रमुख मार्गों पर दिनभर भारी यातायात दबाव देखने को मिला। हालांकि प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के चलते स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं।

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