लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। 32,679 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की विशेष छूट देने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय प्रदेशभर में युवाओं और विभिन्न संगठनों की ओर से उठाई जा रही मांगों के बाद लिया गया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 2025 को सिविल पुलिस, पीएसी, यूपी एसएसएफ सहित विभिन्न इकाइयों में कुल 32,679 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसके तहत सिविल पुलिस में 10,469 पद (महिला व पुरुष), पीएसी में 15,131 पद (पुरुष), यूपी एसएसएफ में 1,341 पद (पुरुष) तथा अन्य विभागों में शेष पद शामिल हैं।
आयु सीमा को लेकर हुआ था विरोध
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों में असंतोष देखने को मिला। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष और महिला अभ्यर्थियों के लिए 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई थी। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे कई युवा तकनीकी रूप से ‘ओवरएज’ हो चुके थे, जिसके चलते सोशल मीडिया से लेकर धरना-प्रदर्शन तक विरोध के स्वर उठने लगे।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई थी मांग
प्रदेश में बढ़ते विरोध के बीच कई जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आयु सीमा बढ़ाने की मांग की। केएल अनिल कुमार त्रिपाठी, दिनेश रावत, राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 22 से बढ़ाकर 25 वर्ष करने का अनुरोध किया था। विधायक अनिल त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को जनता दरबार में दिए गए 3 साल की छूट के आश्वासन की भी याद दिलाई थी।
किन पदों पर मिलेगा लाभ
सीएम योगी द्वारा दी गई इस 3 वर्ष की आयु छूट का लाभ नागरिक पुलिस, पीएसी, विशेष सुरक्षा बल महिला बटालियन, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डर सहित कुल 32,679 पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगा।
रिकॉर्ड आवेदन की संभावना
आयु सीमा में छूट के बाद अब आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की संभावना है। वे युवा जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे और आयु सीमा के कारण बाहर हो गए थे, अब दोबारा इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जनवरी तक जारी रहेगी। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य निर्धारित चरण शामिल होंगे।
सीएम योगी का यह फैसला प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

