सलोनी तिवारी: चित्रकूट जिला मुख्यालय के तरौहां क्षेत्र में स्थित अखिल भारतीय श्री पंच रामानंदी खाकी अखाड़ा, रामबाग में नूतन वर्ष एवं अखाड़े के प्रतिष्ठित महंत अमृत दास खाकी के जन्मदिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिष्यों, भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने महंत जी को फूल-मालाएं पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया तथा उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान अखाड़ा परिसर भक्ति, आस्था और उत्साह के वातावरण से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि महंत अमृत दास खाकी न केवल धार्मिक गुरु हैं, बल्कि समाजसेवा और मानवीय मूल्यों के भी प्रेरणास्रोत हैं। उनके सान्निध्य में आए भक्तों ने स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस किया।
इस अवसर पर महंत अमृत दास खाकी द्वारा लगभग 500 महिलाओं को साड़ियां वितरित की गईं। यह सेवा कार्य सामाजिक समरसता और महिला सम्मान की भावना को दर्शाता है। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे सामाजिक एकता का सुंदर संदेश मिला।
महंत अमृत दास खाकी ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा निरंतर सेवा, संस्कार और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करता रहेगा।
महंत जी ने आगामी 19 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभा यात्रा की जानकारी देते हुए सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा के साथ-साथ सत चंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे भक्तजन आध्यात्मिक पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, महंत राम जन्म दास, सुशील पांडे, समाजसेवी अरुण तिवारी, नंदू कविया, रमेश द्विवेदी, आशीष निगम, राजेश कुमार सोनी सहित जिले के अनेक श्रद्धालु भक्तगण मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने महंत अमृत दास खाकी के सामाजिक और धार्मिक योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने अखाड़े की परंपराओं और आयोजनों को निरंतर जारी रखने की कामना की।
कुल मिलाकर, यह आयोजन श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम रहा, जिसने नूतन वर्ष की शुरुआत को आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक सद्भाव से भर दिया।


