देश में डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ही ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। 29 दिसंबर 2025 को साइबर पुलिस ने नागरिकों के लिए एक नई चेतावनी जारी की है। नए साल के आसपास ठग ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और लोगों को लुभावने ऑफर देकर ठगी का शिकार बनाते हैं।
साइबर फ्रॉड के सबसे आम तरीके हैं—फर्जी कॉल, नकली लिंक, ओटीपी मांगना, फर्जी लॉटरी मैसेज और सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना। कई बार ठग खुद को बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से जानकारी निकलवा लेते हैं।
साइबर पुलिस का कहना है कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती। अगर कोई ऐसा करता है, तो वह ठगी हो सकती है। लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी सावधानी बेहद जरूरी है। फर्जी प्रोफाइल और नकली निवेश स्कीम के झांसे में आकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। जागरूकता और सतर्कता से ही साइबर अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है।

