सलोनी तिवारी : गोवा: राम जन्मभूमि अयोध्या में 25 नवंबर को रामलला मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में भी एक ऐतिहासिक कार्य किया। दक्षिण गोवा जिले में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण पारतागली जीवत्तम मठ में पीएम मोदी ने भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची कांस्य की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इसे दुनिया की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा माना जा रहा है। इस अद्वितीय मूर्ति को प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने डिजाइन किया है, जिन्होंने गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी तैयार किया था।
गोवा में मनाया गया रधा पंचाशतमानोत्सव
श्री संस्थान गोकर्ण पारतागली जीवत्तम मठ की 550वीं वर्षगांठ को रधा पंचाशतमानोत्सव के रूप में मनाया गया। इसी अवसर पर पीएम मोदी ने भव्य प्रतिमा का अनावरण किया और रामायण थीम पार्क का भी उद्घाटन किया। पूरे क्षेत्र में राम नाम के जयकारे गूंज उठे और वातावरण श्रद्धा व भक्ति से भर गया।
क्यों खास है यह प्रतिमा?
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट मंत्री दिगंबर कामत के अनुसार यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की कांस्य प्रतिमा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में यह प्रतिमा गोवा पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बनेगी और मठ की आध्यात्मिक महत्ता कई गुना बढ़ाएगी।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद गोवा ने सदैव अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है।
पीएम मोदी ने अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन महाकाल मंदिर के नवीनीकरण का उल्लेख करते हुए इसे भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि सौंदर्य, संस्कृति और अध्यात्म—ये तीनों गोवा की शान हैं। मठ की 500 वर्षों से अधिक की गौरवशाली यात्रा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्थान समय की कई आंधियों से गुजरा, लेकिन अपनी दिशा और धैर्य नहीं खोया। आज यह मठ लोगों के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बन चुका है।

