सलोनी तिवारी: वाराणसी: अब काशी से खजुराहो का सफर और भी आसान और आकर्षक बनने जा रहा है। काशी से खजुराहो जाने वाली वंदे भारत ट्रेन न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नया आयाम देगी। इस ट्रेन के शुरू होने से शिव-शक्ति संगम, चित्रकूट धाम और रामनगरी को जोड़ने वाला नया टूरिज्म सर्किट विकसित होगा।
अब पर्यटक काशी विश्वनाथ धाम से सीधे आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी, चित्रकूट और खजुराहो तक का सफर कम समय में कर सकेंगे। पहले बनारस से खजुराहो के लिए सीधी ट्रेन सुविधा नहीं थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह नई ट्रेन रेल व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन उद्योग की उड़ान को भी गति देगी।
वंदे भारत ट्रेन तैयार करेगी नया टूरिज्म सर्किट
हर साल करीब 3 लाख विदेशी पर्यटक बनारस आते हैं। अब तक ट्रैवल की बेहतर सुविधा न होने से पर्यटक खजुराहो का टूर प्लान नहीं बना पाते थे। लेकिन अब वंदे भारत ट्रेन के जरिए वे काशी से खजुराहो तक का सफर आरामदायक तरीके से कर सकेंगे।
काशी और खजुराहो दोनों ही धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत वाले शहर हैं। विदेशी सैलानी आमतौर पर दिल्ली से आगरा, जयपुर, जोधपुर, ओरछा और खजुराहो होते हुए बनारस पहुंचते हैं। अब यह नया सर्किट और भी सुविधाजनक बन जाएगा।

