सलोनी तिवारी : कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर कानपुर और चित्रकूट के गंगा तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार तड़के भोर पहर से ही श्रद्धालु गंगा मैया में पवित्र स्नान के लिए पहुंचने लगे। कानपुर के प्रमुख सरसैया घाट सहित अन्य घाटों पर भक्तजन गंगा स्नान कर दीपदान करते दिखाई दिए। महिलाओं ने तुलसी और सालिगराम विवाह की परंपरा निभाई और भगवान विष्णु की आराधना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सफाई व्यवस्था को शिफ्टवार सुनिश्चित किया गया है। नगर निगम की टीम लगातार घाटों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।
वहीं, चित्रकूट के पवित्र रामघाट पर भी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु पहुंचे। यहां मंदाकिनी नदी के तट पर दीपदान और संध्याआरती की तैयारी भी जोरों से चल रही है। चारों ओर “हर हर गंगे” और “जय श्रीराम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्तिक पूर्णिमा का यह दिन देव दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है। श्रद्धालु इस दिन स्नान, दान और दीपदान को विशेष पुण्यदायी मानते हैं। कानपुर और चित्रकूट दोनों ही धार्मिक नगरी आज पूर्णिमा के पावन अवसर पर भक्तिभाव से आलोकित हैं।

