चित्रकूट जिले के रानीपुर टाइगर रिजर्व में ईको टूरिज्म के तहत टाइगर सफारी की शुरुआत हो गई है। अब पर्यटक यहां जंगल की खूबसूरत वादियों में घूमते हुए टाइगर, तेंदुए, भालू और अन्य वन्य जीवों का नजारा देख सकेंगे।
फील्ड डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने शनिवार को ईको टूरिज्म सत्र 2025–26 का विधिवत शुभारंभ चीतल वन विश्राम भवन के प्रवेश द्वार पर पूजन और हवन के साथ किया। इस अवसर पर वन अधिकारी राजीव रंजन, क्षेत्रीय वनाधिकारी सुशील श्रीवास्तव, राजेश सोनकर, राजेंद्र नेगी, नफीस खान, अपूर्व श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी और छात्राएं मौजूद रहीं।
सफारी का समय और रूट
रानीपुर टाइगर रिजर्व 1 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।
रिजर्व में 30 किलोमीटर के दो सफारी रूट तैयार किए गए हैं:
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किहुनिया–कुल्लू ढोल–बहेड़ा चौरी रूट — किराया ₹2000
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कल्याणपुर–शंकर तिराहा–हनुमान चौक–रानीपुर रूट — किराया ₹1800
प्रवेश और किराया शुल्क
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भारतीय पर्यटक प्रवेश शुल्क: ₹80
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विदेशी पर्यटक प्रवेश शुल्क: ₹1000
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12 साल तक के बच्चों के लिए: ₹25
जिप्सी सफारी किराया:
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भारतीयों के लिए ₹2000
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विदेशियों के लिए ₹2500
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कैमरा चार्ज: भारतीयों के लिए ₹450, विदेशियों के लिए ₹1800
कॉटेज किराया:
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भारतीय सैलानियों के लिए ₹3000
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विदेशी सैलानियों के लिए ₹6000
टाइगर रिजर्व में चार नए कॉटेज बनाए गए हैं, जहां पर्यटक ठहरकर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। इसके साथ ही सफारी वाहनों और कैफेटेरिया की भी व्यवस्था की गई है।
पर्यटन और स्थानीय विकास
सफारी की शुरुआत से मानिकपुर पाठा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां तेज़ होंगी, जिससे ग्रामीणों को रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे।
ये जानवर दिखेंगे सफारी में
रानीपुर टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 4 टाइगर, 82 तेंदुआ, 60 भालू और 10 लकड़बग्घा हैं। इसके अलावा हिरण, बारहसिंगा, सांभर, खरगोश, जंगली सूअर और कई पक्षियों की प्रजातियां भी यहां देखने को मिलेंगी।
बारिश में भी खुला रहेगा झरना और ब्रिज
हालांकि टाइगर रिजर्व मानसून के दौरान बंद रहेगा, लेकिन तुलसी जलप्रपात और ग्लास ब्रिज बारिश में भी खुले रहेंगे। पर्यटक इन आकर्षणों का आनंद वर्षभर ले सकेंगे।

