सलोनी तिवारी: देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। अक्टूबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का कलेक्शन 4.6 प्रतिशत बढ़कर ₹1.96 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले साल अक्टूबर 2024 में यह आंकड़ा ₹1.97 लाख करोड़ था। सरकार ने शनिवार को इसका आधिकारिक डेटा जारी किया।
रिफंड काटने के बाद नेट टैक्स कलेक्शन ₹1.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.6 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान सेंट्रल जीएसटी, स्टेट जीएसटी और इंटीग्रेटेड जीएसटी — तीनों में सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सेस कलेक्शन में थोड़ी गिरावट आई।
अप्रैल से अक्टूबर तक वित्त वर्ष 2025-26 के पहले सात महीनों में जीएसटी कलेक्शन 9 प्रतिशत बढ़कर ₹13.89 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹12.74 लाख करोड़ रुपये था।
सरकार ने हाल के महीनों में जीएसटी ढांचे में कई बड़े सुधार (structural rationalisation) किए हैं। इसके बावजूद टैक्स रेवेन्यू मजबूत बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इन सुधारों से स्थानीय खपत को बल मिला है और सरकार को राजस्व में मजबूती मिली है।
22 सितंबर से लागू हुए Next-Gen GST Reforms 2.0 के तहत मल्टी लेयर्ड टैक्स स्ट्रक्चर को सरल किया गया है। अब दो प्रमुख टैक्स स्लैब — 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत — रखे गए हैं, जबकि कुछ विशेष वस्तुओं पर 40 प्रतिशत का विशेष रेट लागू है। इन बदलावों का टैक्स कलेक्शन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव देखा गया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी काउंसिल जिसमें यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर, राज्य के वित्त मंत्री और अन्य अधिकारी शामिल हैं, ने लगातार सुधारों के माध्यम से सिस्टम को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।

