सलोनी तिवारी: प्रयागराज: महाकुंभ 2025 की अद्भुत सफलता के बाद अब प्रयागराज एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव के लिए तैयार हो रहा है। माघ मेला 2026 का दिव्य आगाज होने जा रहा है, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 42 करोड़ रुपये का फंड मंजूर कर दिया है। शासन ने संबंधित विभागों को तैयारी तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
विश्व के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 के बाद यह आयोजन भी अत्यंत भव्य और विशेष रूप में मनाया जाएगा। प्रयागराज प्रशासन ने तैयारी की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है। शुरुआती खर्च महाकुंभ 2025 के बचे हुए बजट से किया जाएगा, ताकि माघ मेला की व्यवस्था समय से पूरी हो सके।
प्रमुख स्नान पर्व की तिथियां (Magh Mela 2026 Dates):
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3 जनवरी 2026: पौष पूर्णिमा (मेला का शुभारंभ)
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14 जनवरी 2026: मकर संक्रांति
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18 जनवरी 2026: मौनी अमावस्या (सबसे प्रमुख स्नान)
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23 जनवरी 2026: वसंत पंचमी
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1 फरवरी 2026: माघी पूर्णिमा
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15 फरवरी 2026: महाशिवरात्रि (मेला समापन)
इनमें से 3 जनवरी से 1 फरवरी तक का समय सबसे विशेष माना जाएगा, जब कल्पवासी साधु-संत गंगा तट पर अपने कल्पवास में लीन रहेंगे। माघी पूर्णिमा के बाद गृहस्थ कल्पवासी अपने घर लौट जाते हैं, जबकि साधु-संत महाशिवरात्रि तक वास करते हैं।
🔹 हाई-टेक मेला बसावट की तैयारी
इस बार माघ मेला 2026 को तकनीकी रूप से भी अधिक उन्नत बनाया जा रहा है। महाकुंभ 2025 में ड्रोन सर्वे के बाद अब माघ मेला में हाई-टेक 3D टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। इससे गंगा-यमुना के जल क्षेत्र का सटीक सर्वे और सेक्टर-वाइज बसावट तय की जाएगी। इस मैपिंग के आधार पर सेक्टरों का निर्माण और आवंटन किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता और सुरक्षा दोनों मिल सके।
योगी सरकार का लक्ष्य:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि माघ मेला 2026 को भी “दिव्य और भव्य” स्वरूप दिया जाए ताकि श्रद्धालु और पर्यटक प्रयागराज की इस धार्मिक परंपरा के साक्षी बन सकें।


