सलोनी तिवारी: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। रविवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार तक जारी रहा, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में ठंडक का एहसास बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सड़कों पर जलभराव और जाम की स्थिति भी बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के चलते हो रही है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में गर्त (ट्रफ) बन गया है। इसके अलावा, मध्य पाकिस्तान और पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
बारिश के चलते सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 7.7 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
दिल्ली एयरपोर्ट प्राधिकरण ने यात्रियों को सतर्क करते हुए कहा है कि खराब मौसम के कारण उड़ान परिचालन प्रभावित हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटे तक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इससे तापमान में और गिरावट की संभावना है।
लोगों को राहत और परेशानी दोनों का अनुभव
जहां बारिश से राजधानी में गर्मी और प्रदूषण से राहत मिली है, वहीं सड़क जाम, जलभराव और उड़ानों में देरी ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का पश्चिमी विक्षोभ पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सक्रिय है, जिसके कारण बारिश का असर कई राज्यों तक फैल गया है।


