सलोनी तिवारी: कानपुर – अक्सर लोग नहाने के बाद या कान में हल्की खुजली महसूस होने पर ईयर बड (cotton buds) का इस्तेमाल करने लगते हैं। उन्हें लगता है कि इससे कान का मैल (ear wax) साफ हो जाएगा और सुनने की क्षमता बेहतर रहेगी। लेकिन यह एक बड़ी गलती है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राज गुप्ता के अनुसार, “कान के अंदर ईयर बड डालना हमारे कान की नाजुक झिल्ली (eardrum) और नलिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे संक्रमण, दर्द, और यहां तक कि सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।”
ईयर बड से होने वाले खतरे
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कान की झिल्ली फटना (Eardrum Perforation):
जब ईयर बड अंदर तक चला जाता है, तो यह झिल्ली को फाड़ सकता है जिससे सुनने में कमी या स्थायी नुकसान हो सकता है। -
इन्फेक्शन का खतरा:
बार-बार ईयर बड डालने से बैक्टीरिया अंदर पहुंच सकते हैं, जिससे दर्द, सूजन और पस जैसी स्थिति बन सकती है। -
मैल का अंदर धकेलना:
ईयर बड मैल को निकालने की बजाय उसे और अंदर धकेल देता है, जिससे कान बंद होने, सुनने में दिक्कत और बजने जैसी समस्या होती है। -
कान में खुजली या जलन:
ईयर बड से कान की त्वचा पर छोटे कट या घाव बन सकते हैं, जिससे जलन या खुजली होती है।
कान की सफाई का सही तरीका क्या है?
डॉ. राज गुप्ता के अनुसार, कान की सफाई करने के लिए किसी भी चीज़ को अंदर डालना नहीं चाहिए।
वे बताते हैं कि—
“कान खुद ही अपने आप साफ होते हैं। अगर मैल ज़्यादा हो तो डॉक्टर से सफाई कराएं, खुद से कोई वस्तु अंदर न डालें।”
सही उपाय:
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हल्के गीले कपड़े से सिर्फ बाहरी हिस्सा साफ करें।
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अगर कान में खुजली या बंद महसूस हो रहा है, तो ENT डॉक्टर से जांच कराएं।
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किसी भी घरेलू उपाय (जैसे तेल डालना या पिन से साफ करना) से बचें।
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जरूरत हो तो ear drops का प्रयोग केवल चिकित्सक की सलाह से करें।
डॉक्टर की सलाह: “सावधानी ही सुरक्षा है”
डॉ. राज गुप्ता कहते हैं —
“ईयर बड का इस्तेमाल बंद करें। कान का ध्यान वैसे ही रखें जैसे आंखों का रखते हैं। एक बार झिल्ली को नुकसान पहुंचा तो सुनने की क्षमता जीवनभर प्रभावित हो सकती है।”


