उत्तर प्रदेश का बरेली ज़िला एक बार फिर जुमे की नमाज को लेकर हाई अलर्ट पर है। पिछले शुक्रवार को हुई हिंसा और बवाल से सबक लेते हुए, प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के कड़े और अभूतपूर्व इंतज़ाम किए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर में किसी भी तरह की खुराफात या हिंसा न हो पाए, इसके लिए पुख्ता तैयारी की गई है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स
शहर के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है। शहर को कई ज़ोन और सेक्टरों में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
ड्रोन से आसमान से निगरानी, पत्थरबाजों पर विशेष नज़र
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। कुल आठ ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे शहर में, खासकर संवेदनशील इलाकों की छतों पर, आसमान से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
छतों पर पत्थर रखने वालों पर कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि लोग अपनी-अपनी छतों से तुरंत पत्थर, ईंट या कोई भी आपत्तिजनक वस्तु हटा लें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी के घर की छत पर पत्थर या ईंट पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी। यह कदम पत्थरबाजी की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। जुमे की नमाज के बाद शांतिपूर्वक अपने घरों को लौटने की अपील भी की गई है।

