सलोनी तिवारी: भारत की शिक्षा व्यवस्था में सैनिक स्कूलों की एक खास पहचान है। ये स्कूल न केवल बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, देशभक्ति और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि जनवरी 2026 से प्रयागराज (संगम नगर) में पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल शुरू होने जा रहा है। यह यूपी का चौथा सैनिक स्कूल होगा, जिससे पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
सैनिक स्कूल क्या होता है?
सैनिक स्कूल भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय की एक विशेष योजना के तहत चलाए जाते हैं।
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इनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और अन्य सैन्य संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयार करना है।
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यहां शिक्षा के साथ-साथ खेल, अनुशासन, लीडरशिप और आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया जाता है।
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सैनिक स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है और यह पूरी तरह मेरिट-आधारित प्रणाली है।
प्रयागराज में सैनिक स्कूल क्यों खास है?
प्रयागराज, जिसे संगम नगरी भी कहा जाता है, भारत की आध्यात्मिक और शैक्षिक धरोहर का केंद्र है। यहां सैनिक स्कूल की स्थापना होने से—
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पूर्वांचल के छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा का अवसर मिलेगा।
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अब छात्रों को लखनऊ या झांसी जैसे शहरों तक जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
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प्रयागराज का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इस संस्थान को और भी खास बनाएगा।
यूपी में कुल कितने सैनिक स्कूल हैं?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 3 सैनिक स्कूल संचालित हो रहे हैं:
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सैनिक स्कूल, लखनऊ (स्थापना 1960 में हुई – देश का सबसे पुराना सैनिक स्कूल)
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सैनिक स्कूल, झांसी
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सैनिक स्कूल, अमेठी
और अब चौथा सैनिक स्कूल प्रयागराज (संगम नगर) में शुरू होगा।
सैनिक स्कूल प्रयागराज – मुख्य जानकारी
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स्थान: संगम नगर, प्रयागराज
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शुरुआत: जनवरी 2026 से
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राज्य में स्थान: चौथा सैनिक स्कूल
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लाभार्थी: पूर्वांचल क्षेत्र के छात्र-छात्राएं
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नियंत्रण: रक्षा मंत्रालय एवं राज्य सरकार के सहयोग से
सैनिक स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया
प्रवेश प्रक्रिया पूरे भारत में समान है।
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कक्षा 6 और कक्षा 9 में एडमिशन दिया जाता है।
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हर साल जनवरी-फरवरी में All India Sainik School Entrance Exam (AISSEE) आयोजित होता है।
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परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल टेस्ट और काउंसलिंग की प्रक्रिया होती है।
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सीटें आरक्षण नीति के अनुसार बांटी जाती हैं।
छात्रों को मिलने वाले फायदे
सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्रों को साधारण स्कूलों की तुलना में कई फायदे मिलते हैं:
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अनुशासन और नेतृत्व कौशल
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NDA और CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी
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शारीरिक और मानसिक मजबूती
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खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विकास
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देश सेवा की भावना
प्रयागराज सैनिक स्कूल का क्षेत्रीय महत्व
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पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल होने के नाते यह हजारों छात्रों को फायदा देगा।
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यहां पढ़ने वाले छात्रों को अपने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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प्रयागराज का माहौल शिक्षा और संस्कार दोनों के लिए अनुकूल है।
सरकार का विज़न
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक पूरे देश में सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके तहत नए सैनिक स्कूल खोले जा रहे हैं।
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यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप भी है।
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इसका उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
प्रयागराज का सैनिक स्कूल न केवल पूर्वांचल के छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें देश की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करेगा। जनवरी 2026 से इसकी शुरुआत छात्रों और अभिभावकों के लिए नई उम्मीदों का द्वार खोलेगी।
यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सैनिक स्कूल आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।


