कोलकाता में मूसलधार बारिश: 11 की मौत, शहर में भारी जलभराव

सलोनी तिवारी: कोलकाता, पश्चिम बंगाल – 23 सितंबर 2025 को कोलकाता में हुई मूसलधार बारिश ने शहर में भारी तबाही मचा दी। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर लगातार 12 घंटे तक चला, जिससे शहर का जल निकासी तंत्र पूरी तरह असमर्थ साबित हुआ। इस बारिश में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हैं और दो लोग अभी भी लापता हैं।

प्रभावित इलाके और बाढ़ की स्थिति
बारिश के कारण शहर के कई मुख्य मार्ग और मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव के कारण ट्रैफिक बाधित हो गया है। अलीपुर, टॉलीगंज, बेलीघाट और दक्षिण कोलकाता के कुछ हिस्सों में जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया।

ट्रांसपोर्ट और सार्वजनिक सेवाओं पर प्रभाव

  • कई ट्रेनें और लोकल ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुईं।

  • कोलकाता हवाई अड्डे पर फ्लाइट्स में देरी और रद्दीकरण की घटनाएं हुईं।

  • मेट्रो सेवाओं में देरी और परिचालन में बाधाएं आईं।

धार्मिक आयोजन और दुर्गा पूजा पर असर
बारिश के कारण कई दुर्गा पूजा पंडालों में जलभराव हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्गा पूजा की छुट्टियां दो दिन पहले घोषित कर दी हैं।

राहत और बचाव कार्य

  • राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत शिविरों की स्थापना की है।

  • पुलिस और NDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य कर रही हैं।

  • बिजली और पानी की आपूर्ति को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलमग्न क्षेत्रों में न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

जलभराव से निपटने के उपाय

  • नागरिकों को ऊंची इमारतों में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

  • सड़क मार्ग और पुलों पर यात्रा करने से बचें।

  • बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी।

कोलकाता की आपदा प्रबंधन प्रणाली
कोलकाता शहर में पहले भी जलभराव की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन 2025 की यह बारिश पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक तीव्र रही। सरकार ने जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण के लिए नए उपाय लागू किए हैं, जिनमें अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन और नदियों के किनारों पर बाढ़ वाल का निर्माण शामिल है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

  • स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ।

  • मेट्रो, ट्रेन और हवाई मार्ग के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई।

  • जलभराव और बारिश से स्कूल और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित करनी पड़ीं।


कोलकाता में 23 सितंबर की बारिश ने न केवल जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया बल्कि शहर की तैयारियों और आपदा प्रबंधन की प्रणाली को भी चुनौती दी। नागरिकों को सुरक्षित रहने और सरकार के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

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