सलोनी तिवारी: भारतीय संगीत जगत के मशहूर गायक जुबिन गर्ग अब हमारे बीच नहीं रहे। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में उनका अचानक निधन हो गया। उनकी मौत ने देशभर के फैन्स को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आज (23 सितंबर 2025) उनका अंतिम संस्कार असम में राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है। हजारों फैन्स नम आंखों से अपने प्रिय गायक को अंतिम विदाई देने पहुंचे हैं।
जुबिन गर्ग का जीवन और करियर
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जन्म: 18 नवंबर 1972, असम
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भाषा: हिंदी, असमी, बंगाली समेत कई भाषाओं में गाया
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लोकप्रियता: “Ya Ali”, “Dil Tu Hi Bataa”, “Shona Shona” जैसे गानों से मिली पहचान
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योगदान: असमी सिनेमा और बॉलीवुड दोनों में बड़ा नाम
वे सिर्फ गायक ही नहीं बल्कि म्यूज़िक डायरेक्टर और एक्टर भी थे।
निधन की वजह और पोस्टमार्टम
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सिंगापुर में हार्ट अटैक से निधन हुआ।
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परिवार की मांग पर दूसरा पोस्टमार्टम असम में कराया गया।
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CM हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद उनके पार्थिव शरीर को रिसीव किया और राजकीय सम्मान देने की घोषणा की।
अंतिम संस्कार का दृश्य
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गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे अंतिम संस्कार।
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हजारों की संख्या में फैन्स पहुंचे।
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पूरे असम में शोक की लहर।
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मशहूर हस्तियों और राजनीति से जुड़े बड़े नेता भी पहुंचे।
जुबिन गर्ग की विरासत
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30 से ज्यादा एल्बम्स
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1000+ गाने विभिन्न भाषाओं में
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नॉर्थ-ईस्ट इंडिया को राष्ट्रीय संगीत मंच पर पहचान दिलाई
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उनके गाने आज भी युवाओं की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं
फैन्स की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लाखों फैन्स ने जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी।
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#RIPJubinGarg
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#LegendNeverDies
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#AssameseRockstar
जुबिन गर्ग का जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज़, उनकी धुनें और उनका जुनून हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
आज जब पूरा असम और देश उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है, तब एक ही बात मन में आती है –
“सितारे टूट जाते हैं, लेकिन उनकी रोशनी हमेशा यादों में जिंदा रहती है।”

