लखनऊ में विद्युत क्षेत्र की साइबर सुरक्षा पर क्षेत्रीय सम्मेलन, 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने बढ़ती चुनौतियों पर किया मंथन

सलोनी तिवारी:  लखनऊ, उत्तर क्षेत्र की विभिन्न विद्युत कंपनियों के पेशेवरों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता पर क्षेत्रीय सम्मेलन- एवं -कार्यशाला लखनऊ में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया टीम – पावर (CSIRT-Power), विद्युत मंत्रालय द्वारा एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से किया गया, जिसे एनटीपीसी उत्तर क्षेत्र मुख्यालय, लखनऊ ने होस्ट किया। यह पहल विद्युत क्षेत्र में साइबर खतरों के खिलाफ जागरूकता और लचीलापन बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा रही।

इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और एनटीपीसी, पावरग्रिड, एनएचपीसी, टीएचडीसी, एसजेवीएनएल, पीएफसी, एसईसीआई, आरईसी जैसी कंपनियों तथा निजी क्षेत्र से आए 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रतिनिधियों ने विद्युत क्षेत्र में बढ़ती साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया और साइबर हमलों का पता लगाने, उन्हें रोकने और कम करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की। कार्यशाला में साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और पूरे विद्युत क्षेत्र में तैयारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

🔹 मुख्य संबोधन और विचार:

  • श्री एल.के.एस. राठौर, निदेशक (साइबर सुरक्षा), CSIRT-पावर, विद्युत मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा की रणनीतिक महत्ता पर प्रकाश डाला और सहयोग, प्रशिक्षण व तकनीक-आधारित समाधान की आवश्यकता बताई।

  • श्री नरेंद्र भूषण, IAS, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत), उत्तर प्रदेश सरकार एवं अध्यक्ष, UPNEDA ने ऊर्जा अवसंरचना को साइबर खतरों से सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता जताई और युवाओं को नवाचारी समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

  • डॉ. आशीष कुमार गोयल, IAS, अध्यक्ष UPPCL ने सक्रिय शासन और नीति-आधारित हस्तक्षेपों को साइबर सुरक्षा अपनाने के लिए अहम बताया।

  • श्रीमती ऋषिका शरण, सदस्य सचिव, NRPC ने घटना प्रतिक्रिया तंत्र में क्षेत्रीय इकाइयों के बीच निरंतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

  • श्री गौतम देव, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर), एनटीपीसी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा कोई विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता है।

  • श्री ए.के. पटेल, जीएम (आईटी) एवं CISO, एनटीपीसी ने साइबर रक्षा ढांचे और घटना प्रतिक्रिया रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

🔹 कार्यशाला की विशेषताएँ:
सत्रों में CSIRT-पावर और CERT-In की भूमिका, घटना प्रतिक्रिया प्रथाएँ, फॉरेंसिक विश्लेषण, नियामक ढांचे तथा क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चाएँ हुईं। प्रतिनिधियों के लिए साइबर सुरक्षा क्विज़ भी आयोजित किया गया, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और उपकरण उपलब्ध कराए गए।

कार्यक्रम के समापन पर श्री आशीष लोहिया, उप निदेशक, CSIRT-पावर ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में इस तरह की क्षमता निर्माण पहल को ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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