सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। इस पखवाड़े में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं। साथ ही पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है।
इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत और समापन दोनों ग्रहण योग में हो रहे हैं। 7 सितंबर 2025 को चंद्रग्रहण के साथ पूर्णिमा श्राद्ध से इसकी शुरुआत होगी और 21 सितंबर 2025 को सूर्यग्रहण के दिन सर्वपितृ अमावस्या पर इसका समापन होगा।
📅 पितृ पक्ष 2025 तिथियां व मुहूर्त
| तारीख | श्राद्ध तिथि | कुतुप मूहूर्त | रौहिण मूहूर्त | अपराह्न काल |
|---|---|---|---|---|
| 7 सितंबर (रविवार) | पूर्णिमा श्राद्ध | 11:54 AM – 12:44 PM | 12:44 PM – 01:34 PM | 01:34 PM – 04:05 PM |
| 8 सितंबर (सोमवार) | प्रतिपदा श्राद्ध | 11:53 AM – 12:44 PM | 12:44 PM – 01:34 PM | 01:34 PM – 04:04 PM |
| 9 सितंबर (मंगलवार) | द्वितीया श्राद्ध | 11:53 AM – 12:43 PM | 12:43 PM – 01:33 PM | 01:33 PM – 04:03 PM |
| 10 सितंबर (बुधवार) | तृतीया व चतुर्थी श्राद्ध | 11:53 AM – 12:43 PM | 12:43 PM – 01:33 PM | 01:33 PM – 04:02 PM |
| 11 सितंबर (गुरुवार) | पंचमी श्राद्ध | 11:53 AM – 12:42 PM | 12:42 PM – 01:32 PM | 01:32 PM – 04:02 PM |
| 12 सितंबर (शुक्रवार) | षष्ठी श्राद्ध | 11:53 AM – 12:42 PM | 12:42 PM – 01:32 PM | 01:32 PM – 04:02 PM |
| 13 सितंबर (शनिवार) | सप्तमी श्राद्ध | 11:52 AM – 12:42 PM | 12:42 PM – 01:31 PM | 01:31 PM – 04:00 PM |
| 14 सितंबर (रविवार) | अष्टमी श्राद्ध | 11:52 AM – 12:41 PM | 12:41 PM – 01:31 PM | 01:31 PM – 03:59 PM |
| 15 सितंबर (सोमवार) | नवमी श्राद्ध | 11:51 AM – 12:41 PM | 12:41 PM – 01:30 PM | 01:30 PM – 03:58 PM |
| 16 सितंबर (मंगलवार) | दशमी श्राद्ध | 11:51 AM – 12:41 PM | 12:41 PM – 01:30 PM | 01:30 PM – 03:57 PM |
| 17 सितंबर (बुधवार) | एकादशी श्राद्ध | 11:51 AM – 12:41 PM | 12:41 PM – 01:30 PM | 01:30 PM – 03:56 PM |
| 18 सितंबर (गुरुवार) | द्वादशी श्राद्ध | 11:51 AM – 12:39 PM | 12:39 PM – 01:28 PM | 01:28 PM – 03:55 PM |
| 19 सितंबर (शुक्रवार) | त्रयोदशी श्राद्ध | 11:51 AM – 12:39 PM | 12:39 PM – 01:28 PM | 01:28 PM – 03:55 PM |
| 20 सितंबर (शनिवार) | चतुर्दशी श्राद्ध | 11:50 AM – 12:39 PM | 12:39 PM – 01:27 PM | 01:27 PM – 03:54 PM |
| 21 सितंबर (रविवार) | सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध | 11:51 AM – 12:38 PM | 12:38 PM – 01:27 PM | 01:27 PM – 03:53 PM |
धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष में किया गया श्राद्ध और तर्पण न केवल पितरों को तृप्त करता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और शांति भी लाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अंशिका मीडिया किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करता। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

