सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय 5 से 22 सितंबर 2025 तक मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली में सरस आजीविका मेला 2025 का आयोजन करने जा रहा है। इस मेले में देशभर के 400 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाएँ अपने उत्पादों के साथ शामिल होंगी। लगभग 200 स्टॉल लगाए जाएँगे, जिनमें पारंपरिक हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य उत्पाद और कई तरह के ग्रामीण उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
इस बार पहली बार सरस मेला दिल्ली में सभी घटकों के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें खाने-पीने के स्टॉल, शॉपिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव (ग्रामीण आजीविका) सुश्री स्वाति शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं होगा, बल्कि शहरी आगंतुकों को ग्रामीण जीवन का अनुभव भी कराएगा। उन्होंने कहा कि हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और परिवार के साथ आने वाले बच्चों के लिए मनोरंजन और खेलकूद की सुविधाएँ भी उपलब्ध रहेंगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशिका डॉ. मोलिश्री ने बताया कि सरस मेला लोगों को उनकी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत अब तक 10 करोड़ दीदियां जुड़ चुकी हैं, जिनमें से 2 करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर सफल उद्यमिता का उदाहरण पेश कर चुकी हैं।
दिल्ली सरस 2025 की प्रमुख विशेषताएँ
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नॉलेज पैवेलियन – वित्तीय साक्षरता, डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग और व्यापार योजना पर कार्यशालाएँ
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अनुभव पैवेलियन – पारंपरिक शिल्प और खाद्य निर्माण की लाइव डेमो, लखपति दीदियों की प्रेरणादायक कहानियाँ
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कन्वर्जेंस पैवेलियन – कृषि, डेयरी, MSME, कौशल विकास और अन्य मंत्रालयों के सहयोग से ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा
प्रदर्शित उत्पाद
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तसर, बाघ प्रिंट, पाटोला, कांथा और चंदेरी जैसी साड़ियाँ
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उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के ऊनी उत्पाद
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प्राकृतिक खाद्य सामग्री
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कर्नाटक व तेलंगाना की लकड़ी की कारीगरी
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झारखंड के पलाश और अन्य उत्पाद
अन्य आकर्षण
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SARAS INDIA फूडकोर्ट – पूरे भारत के व्यंजनों का स्वाद
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विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम
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पर्यावरण अनुकूल पहल
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्ट सेवाएँ
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बच्चों के लिए मनोरंजन जोन
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छात्रों के लिए प्रतियोगिताएँ

