सलोनी तिवारी: यह अभियान राज्य से गरीबी को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसका लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी-मुक्त राज्य बनाया जाए।
अब तक किए गए कार्य और उपलब्धियाँ
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आवास की सुविधा
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ज़रूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य की अन्य योजनाओं से घर उपलब्ध कराए गए।
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शिक्षा पर विशेष जोर
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बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है।
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गरीब परिवारों के बच्चों को डिजिटल शिक्षा सामग्री भी दी गई।
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रोजगार के अवसर
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कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया।
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स्वरोजगार योजनाओं के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया गया।
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स्वास्थ्य सुविधाएँ
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आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवर मिला।
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया गया।
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लक्ष्य 2027 तक गरीबी का उन्मूलन
यूपी सरकार का दावा है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों ताकि गरीबी का चक्र स्थायी रूप से समाप्त किया जा सके।
सामाजिक और आर्थिक असर
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इस अभियान से लाखों परिवारों की जीवनशैली में सुधार आया है।
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ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है।
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महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“ज़ीरो पॉवर्टी अभियान” उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सामाजिक और आर्थिक पहल मानी जा रही है। यदि यह योजना निर्धारित समय सीमा तक अपने लक्ष्यों को हासिल करती है, तो यूपी गरीबी उन्मूलन का एक राष्ट्रीय और वैश्विक मॉडल बन सकता है।

