अनंत चौदस 2025: तिथि, महत्व, पूजा विधि और विसर्जन का पूरा गाइड

सलोनी तिवारी: अनंत चौदस, गणेशोत्सव का समापन पर्व, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह पर्व 6 सितम्बर को है।

महत्व:

  • यह दिन भगवान गणेश के अनंत रूप का प्रतीक है।

  • भक्त इस दिन गणेश की स्थापना का समापन करते हैं और मूर्तियों का विसर्जन करते हैं।

  • व्रत रखने और पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और परिवार में सामंजस्य बना रहता है।

पूजा विधि:

  1. प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।

  2. गणेश जी की मूर्ति को सजाकर मोदक, फूल और फल अर्पित करें।

  3. गणेश मंत्र और श्लोक का पाठ करें।

  4. शाम को मूर्ति का विसर्जन करें।

विसर्जन (Immersion):

  • मूर्तियों को नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित किया जाता है।

  • पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों का उपयोग बढ़ रहा है।


अनंत चौदस केवल धार्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि यह श्रद्धा, आस्था और सामुदायिक प्रेम का प्रतीक भी है। इस दिन की पूजा और व्रत से जीवन में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अंशिका मीडिया किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करता। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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