सलोनी तिवारी: भारत का तैयार पोशाक (Ready-Made Garment) उद्योग, जो अब तक निर्यात का एक मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है, अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से गहरे संकट में आ सकता है। क्रिसिल (CRISIL) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस टैरिफ का असर इतना गंभीर होगा कि उद्योग का वार्षिक राजस्व वर्ष-दर-वर्ष लगभग आधा हो सकता है।
क्रिसिल का आकलन
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अमेरिका भारत के तैयार कपड़ों के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।
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कुछ भारतीय कंपनियाँ अपनी कुल आय का 40% हिस्सा केवल अमेरिका से कमाती हैं।
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टैरिफ से उनकी लागत और कीमतों में बड़ा अंतर आएगा, जिससे प्रतिस्पर्धा में गिरावट होगी।
🇺🇸 अमेरिकी टैरिफ का असर
अमेरिका ने 27 अगस्त 2025 से भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू कर दिया है। पहले से मौजूद 25% रेसिप्रोकल टैरिफ के साथ, कुल आयात शुल्क अब 50% हो गया है।
यह कदम अमेरिका ने भारत की रूस से तेल खरीद पर आपत्ति जताते हुए उठाया है।
तैयार पोशाक उद्योग पर असर
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निर्यात में तेज़ गिरावट की आशंका
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लाभप्रदता में कमी और कई कंपनियों को घाटा
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छोटे और मध्यम स्तर की इकाइयों पर सबसे ज्यादा दबाव
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संभावित छंटनी और रोजगार पर असर
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपने तैयार पोशाक उद्योग को बचाने के लिए
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नए निर्यात बाज़ारों की तलाश करनी होगी
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स्थानीय उपभोग को बढ़ाना होगा
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और सरकार को सब्सिडी या टैक्स रियायतें देकर राहत पैकेज लाना पड़ सकता है।

