सलोनी तिवारी: ट्रंप के टैरिफ से सूरत के हीरा कारोबारियों में टेंशन – निर्यात पर संकट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आने वाले कई प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क (Tariff) 50% तक बढ़ाने की घोषणा के बाद सूरत का हीरा उद्योग मुश्किलों में घिर गया है। दुनिया का करीब 90% पॉलिश्ड हीरा सूरत में तैयार होता है और इसका सबसे बड़ा बाजार अमेरिका है। ऐसे में बढ़े हुए टैरिफ का सीधा असर कारोबारियों पर पड़ने वाला है।
अमेरिका सबसे बड़ा बाजार
सूरत के हीरा निर्यातकों के मुताबिक, कुल एक्सपोर्ट में से 40% से ज्यादा हिस्सा अमेरिका जाता है। नई टैरिफ दरों के चलते अमेरिकी खरीदारों को दाम महंगे पड़ेंगे और मांग में कमी आ सकती है।
कारोबार पर असर
हीरा उद्योग पहले से ही वैश्विक मंदी, डॉलर में उतार-चढ़ाव और नकली लैब-ग्रोन डायमंड्स के कारण दबाव झेल रहा है। अब ट्रंप का यह कदम कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। निर्यातकों का मानना है कि आने वाले महीनों में ऑर्डर घट सकते हैं, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा।
कारोबारियों की राय
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सूरत डायमंड एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा – “हम सरकार से अपील करते हैं कि वह अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करे और भारतीय डायमंड इंडस्ट्री को राहत दिलाए।”
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कई कारोबारियों ने आशंका जताई कि अगर शुल्क में राहत नहीं मिली तो छोटे निर्यातकों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
सरकार से उम्मीदें
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने स्थिति पर नज़र रखने और हीरा उद्योग के प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू की है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अमेरिका को वैकल्पिक बाजार नहीं मिला, तो दबाव में आकर वह शुल्क में नरमी ला सकता है।

