सलोनी तिवारी: नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025 — केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत आज विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में दुनिया को पीछे छोड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत न केवल गुणवत्ता पर ध्यान दे रहा है, बल्कि निर्माण की लागत को भी नियंत्रित कर रहा है, जिससे देश के विकास का मार्ग और तेज़ हो रहा है।
भारत की आर्थिक प्रगति और इन्फ्रास्ट्रक्चर की भूमिका
गडकरी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2027 तक $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनना है और इसके लिए मज़बूत इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग, पुल, सुरंग और ग्रीन एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
निर्माण लागत पर नियंत्रण
मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के कारण सड़क परियोजनाओं की लागत कम हो रही है। वेस्ट-टू-वेल्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से सड़कें बनाई जा रही हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि लागत भी घटेगी।
रोजगार और निवेश में बढ़ोतरी
गडकरी ने बताया कि सड़क निर्माण परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में वृद्धि हो रही है। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे निजी और विदेशी निवेश आकर्षित होंगे।
ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
भारत इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग स्टेशनों और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परिवहन पर भी तेजी से काम कर रहा है। गडकरी ने कहा कि आने वाले सालों में भारत ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करेगा।
निष्कर्ष
सड़क मंत्री के अनुसार, भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल अब गति, गुणवत्ता और कम लागत तीनों का संतुलन बना रहा है। यह न केवल देश की आर्थिक प्रगति को तेज़ करेगा बल्कि भारत को वैश्विक इन्फ्रास्ट्रक्चर हब बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

