सलोनी तिवारी: कृष्ण छठी 2025 का पर्व इस वर्ष 22 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। हर साल जन्माष्टमी के बाद, भक्त कृष्ण छठी बड़े धूमधाम से मनाते हैं। इसे भगवान कृष्ण के बाल्यकाल से जोड़कर मनाया जाता है और इसे विशेष रूप से लड्डू गोपाल की छठी भी कहा जाता है।
कृष्ण छठी का महत्व:
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यह दिन भगवान कृष्ण के बाल्यकाल से जुड़ा है।
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इस दिन की पूजा बच्चे की छठी की तरह की जाती है, जिसे छठ पूजा की तरह महत्वपूर्ण माना जाता है।
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मान्यता है कि इस दिन की पूजा और भोग लगाने से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार में खुशहाली आती है।
कृष्ण छठी 2025 का दिन:
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यह वर्ष 2025 में 22 अगस्त, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
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यह दिन कृष्ण भक्तों के लिए आध्यात्मिक और पारिवारिक महत्व रखता है।
पुष्प योग और शुभ मुहूर्त:
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इस साल छठी के दिन पुष्प योग बन रहा है, जो पूजा और भजन के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
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भोग लगाने और पूजा करने का सबसे शुभ समय सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले है।
पूजा की विधि:
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भक्त उपवास रखते हैं।
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घर की साफ-सफाई के बाद भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करते हैं।
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मूर्ति को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं।
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दीपक जलाकर, भजन, कीर्तन और मंत्र जाप किया जाता है।
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पूजा के अंत में भगवान को फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित किया जाता है।
विशेष महत्व:
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इस दिन पूजा और भोग अर्पित करने से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार में खुशहाली आती है।
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पुष्प और हल्दी का प्रयोग पूजा में विशेष शुभ माना जाता है।
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भक्तगण अपने घरों और मंदिरों को सजाते हैं और कृष्ण के भजन-कीर्तन का आयोजन करते हैं।
कृष्ण छठी 2025 भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव और पारिवारिक उत्सव का दिन है, जिसे श्रद्धा और खुशी के साथ मनाना चाहिए।
NOTE: ये पोस्ट धार्मिक मान्यताओं पर आधिरित है ये किसी भी दावे अथवा घटना की पुष्टि नहीं करता है।

