सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज संविधान की दुहाई दे रहे हैं, वही लोग अतीत में इसे सबसे ज़्यादा कुचलते रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा – “सिर पर संविधान रखकर नाचने वाले ही इसे बार-बार कुचलते थे। आपातकाल लगाकर उन्होंने देश की लोकतांत्रिक आत्मा पर हमला किया। आज वही लोग जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
मोदी ने जनता से आह्वान किया कि वे सच्चाई को पहचानें और उन लोगों से सावधान रहें जिन्होंने सत्ता में रहते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार संविधान की रक्षा और आम जनता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सभा में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने माहौल को उत्साहित बना दिया। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान भीड़ ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया।

