पीएम मोदी का लाल किले से संदेश: नया भारत, आत्मनिर्भरता, और युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ की सौगात

सलोनी तिवारी: आज 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के 79वें वर्ष पर एक नया विज़न पेश किया—”नया भारत, विकसित भारत 2047 तक”। यह उनका लगातार 12वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, आर्थिक सुधार, और युवाओं के लिए ऐतिहासिक योजनाओं का ऐलान किया।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा संदेश
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी निंदा से की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब “न्यू नॉर्मल” में आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल की कोई जगह नहीं है। “ऑपरेशन सिंदूर” की वीरता को सलाम करते हुए उन्होंने इंडस वाटर ट्रीटी को “अन्यायपूर्ण” बताते हुए इसे निलंबित करने की घोषणा की।

आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा, रक्षा, और खनिज संसाधनों में आत्मनिर्भरता की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन की तैयारी, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा परियोजनाओं में तेज़ी, और स्वदेशी सुरक्षा तकनीक जैसे जेट इंजन विकास को देश की बड़ी उपलब्धियों में गिना।

युवाओं के लिए ऐतिहासिक योजना
मोदी ने “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” की घोषणा की, जिसके तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 की सहायता और कंपनियों को रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना के लिए ₹1 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है और इसे आज से ही लागू कर दिया गया है।

जीएसटी सुधार और आम जनता को राहत
प्रधानमंत्री ने “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधार” का वादा किया, जो दिवाली से लागू होंगे। इसके तहत रोज़मर्रा के उपभोग की वस्तुओं पर कर में कमी आएगी और व्यापारियों के लिए टैक्स प्रणाली को और सरल बनाया जाएगा।

संविधान और ऐतिहासिक योगदान का स्मरण
मोदी ने संविधान को “देश का लाइटहाउस” बताया और नेहरू, पटेल, अंबेडकर जैसे महान नेताओं के योगदान को याद किया। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उनके बलिदान को नमन किया।

संदेश का सार
पीएम मोदी का यह भाषण केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि यह भारत की ताकत, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों का एक रोडमैप था। “140 करोड़ भारतीय तिरंगे में लिपटे हैं, और हर दिल में एक ही संकल्प—विकसित भारत 2047 तक।”

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