भारत में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले: बदलती जीवनशैली और तनाव बने बड़े कारण

सलोनी तिवारी: देश में पिछले कुछ वर्षों में 30 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, खराब खानपान, अनियमित दिनचर्या, लगातार मानसिक तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी इसके मुख्य कारण हैं।

आंकड़े:
इंडियन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 28 लाख लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाते हैं। इनमें 25% से ज्यादा मरीज 40 साल से कम उम्र के हैं।

 प्रमुख कारण:

  • अत्यधिक जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने का सेवन

  • धूम्रपान और शराब का अधिक प्रयोग

  • नींद की कमी और मानसिक तनाव

  • कम शारीरिक गतिविधि और व्यायाम की अनदेखी

 विशेषज्ञों की सलाह:
कार्डियोलॉजिस्ट का मानना है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, ताजे फल-सब्जियां खाना, तनाव को कम करने के लिए योग/ध्यान करना और नियमित हेल्थ चेकअप करवाना, हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।

निष्कर्ष:
दिल की सेहत सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों से भी जुड़ी है। समय रहते बदलाव करना ही भविष्य में बड़े खतरे से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

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