नवदीप चतुर्वेदी: कानपुर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो ई-कॉमर्स के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड, MBA पास पुलकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके कई साथियों की तलाश जारी है।
डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने जानकारी दी कि यह कॉल सेंटर ग्लोबल ट्रेड प्लाजा (वेबिक्सी टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड) के नाम से संचालित हो रहा था। गिरोह के सदस्य इंडोनेशिया, थाइलैंड, म्यांमार और नाइजीरिया के लोगों को निशाना बनाकर ठगी करते थे। तकनीकी मामलों में माहिर सत्यकाम साहू और पुलकित की पत्नी भी इस गिरोह में शामिल हैं।
पुलिस ने जांच में पाया कि छह बैंक खातों में जमा करीब 4.5 करोड़ रुपये को फ्रीज किया गया है। पुलकित रोजाना 10 लाख रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन करता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 57 स्मार्टफोन, 78 डेस्कटॉप और लैपटॉप बरामद किए।
150 कर्मचारी, पर काम का असली मकसद अज्ञात
कॉल सेंटर ग्रीन पार्क के पास एक किराए के मकान में चल रहा था, जहां लगभग 150 कर्मचारी कार्यरत थे। किसी भी कर्मचारी को आपस में बातचीत करने की अनुमति नहीं थी। उन्हें केवल सेल्स, मार्केटिंग और कॉल्स करने का काम सौंपा गया था, जबकि असल डील और ठगी के तरीकों की जानकारी किसी को नहीं दी जाती थी। कर्मचारियों को 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी दी जाती थी।
विदेशी नंबरों से कॉल कर करते थे ठगी
गिरोह अमेरिका, थाइलैंड सहित अन्य देशों के नंबरों से वर्चुअल कॉल कर विदेशी नागरिकों को फंसाता था। साइबर थाना पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हो सकते हैं। जांच में पता चला है कि यह कॉल सेंटर साल 2020 से शहर में सक्रिय था और इसके खिलाफ कई शिकायतें पहले से दर्ज थीं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पुलकित द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

