लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी वृद्धावस्था पेंशन योजना का दायरा लगातार बढ़ाते हुए 2025-26 की पहली तिमाही में 61 लाख वरिष्ठ नागरिकों तक पेंशन पहुंचा दी है। इस उपलब्धि के साथ ही सरकार ने योजना के लक्षित लाभार्थियों की संख्या 67.5 लाख तक बढ़ा दी है।
यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सामाजिक कल्याण पहलों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी जीवन गुणवत्ता सुधारना है।
सिंगल नोडल अकाउंट (SNA) प्रणाली से सुधार:
पेंशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए सरकार ने ‘सिंगल नोडल अकाउंट’ (SNA) प्रणाली लागू की है। इस प्रणाली के माध्यम से पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इससे भुगतान तेज़ होता है, ऑडिट आसान होते हैं, और फंड ट्रैकिंग में सुधार आता है, जिससे हर एक रुपये का सही उपयोग सुनिश्चित होता है।
पेंशन राशि और पात्रता:
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी पात्र बुजुर्गों को प्रति माह ₹1,000 की पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे उनकी आर्थिक कठिनाइयों में कमी आती है।
पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण इलाकों में ब्लॉक विकास अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में उप-जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापन किया जाता है।
योजना का विस्तार और वित्तीय आंकड़े:
2017 में योजना के विस्तार के बाद से लाभार्थियों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है — तब 37.47 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े थे। इसके बाद, हर वर्ष लाभार्थियों और वितरित राशि में निरंतर वृद्धि हुई है:
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2018-19: 40.71 लाख लाभार्थी, ₹1,879 करोड़ खर्च
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2019-20: 47.99 लाख लाभार्थी, ₹2,698 करोड़ खर्च
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2020-21: 51.24 लाख लाभार्थी, ₹3,694 करोड़ खर्च
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2021-22: 51.92 लाख लाभार्थी, ₹4,278 करोड़ खर्च
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2022-23: 54.97 लाख लाभार्थी, ₹6,083 करोड़ खर्च
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2023-24: 55.68 लाख लाभार्थी, ₹6,464 करोड़ खर्च
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2024-25: 55.99 लाख लाभार्थी
यह बढ़ती संख्या सरकार की प्रतिबद्धता और योजना के व्यापक लाभ को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, निर्धारित लक्ष्यों से ऊपर आने वाले पात्र बुजुर्गों को भी पेंशन योजना में शामिल किया जाता है, ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी वंचित न रहे।

