सलोनी तिवारी: मुंबई: आयकर रिटर्न (ITR) भरने की 15 सितंबर 2025 की डेडलाइन करीब आ रही है। इस समय लाखों करदाता फॉर्म-16, 26AS और अन्य जरूरी दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन रिटर्न भरने में व्यस्त हैं। कई लोग खुद से फाइलिंग कर रहे हैं, जबकि कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद ले रहे हैं, ताकि रिटर्न में कोई गलती न हो।
CA फर्म की एडवोकेट डिंपल जुनेजा ने बताया की अगर आपकी आय केवल एक स्रोत से है और टैक्स संबंधी स्थिति सरल है, तो आप खुद से भी ITR भर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म-16, 26AS और अकाउंट स्टेटमेंट (AIS) को ध्यान से चेक करना, सही ITR फॉर्म का चुनाव करना, पुराना या नया टैक्स रेजीम चुनना और डिडक्शन को सही तरीके से जोड़ना जरूरी है।
वहीं, जिनकी आय के स्रोत कई हैं या जिनके फाइनेंस जटिल हैं, उनके लिए एक विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है। गलत फॉर्म भरने, इनकम या डिडक्शन गलत दर्ज करने, या 26AS से मेल न खाने जैसी गलतियां नोटिस या पेनल्टी का कारण बन सकती हैं।
सीए न केवल रिटर्न फाइल करने में मदद करते हैं, बल्कि भविष्य के टैक्स प्लानिंग और बचत के लिए भी सलाह देते हैं। पर्सनलाइज्ड टैक्स प्लानिंग के लिए विशेषज्ञ का मार्गदर्शन ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
इसलिए अपनी स्थिति को समझकर सही विकल्प चुनें और 15 सितंबर से पहले ITR फाइल करें, ताकि कानूनी परेशानियों और पेनल्टी से बचा जा सके।

