आईएमए कानपुर में वैज्ञानिक सीएमई का आयोजन: हायपरयूरिसीमिया और आईबीएस विषय पर विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

सलोनी तिवारी: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर शाखा द्वारा शनिवार को एक “वैज्ञानिक सी०एम०ई०” (Continuing Medical Education) का आयोजन भव्य रूप से किया गया। यह कार्यक्रम रात 8 बजे आईएमए भवन (सेवा का मंदिर), 37/7, परेड, कानपुर स्थित ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में दो प्रमुख चिकित्सा विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
प्रथम वक्ता डॉ. युवराज गुलाटी, सहायक प्रोफेसर, नेफ्रोलॉजी विभाग, जीएसवीएम एसएस पीजीआई, कानपुर ने “सामान्य रोगी में हायपरयूरेसीमिया में फेबुक्सोस्टैट की भूमिका” विषय पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि बदलती जीवनशैली के चलते हायपरयूरिसीमिया यानी शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता एक आम समस्या बन चुकी है, जो गठिया, किडनी स्टोन और गुर्दे की समस्याओं का कारण बन सकती है।
फेबुक्सोस्टैट (Febuxostat) दवा को इस स्थिति के नियंत्रण में प्रभावी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह दवा xanthine oxidase enzyme को अवरुद्ध कर यूरिक एसिड के निर्माण को रोकती है।

डॉ. गुलाटी ने इसके फायदे और सावधानियों पर भी विस्तार से जानकारी दी, जैसे कि –

  • गठिया दर्द में राहत

  • किडनी की रक्षा

  • लिवर व हार्ट के मरीजों में सतर्कता आवश्यक

  • डॉक्टर की निगरानी में ही दवा का सेवन जरूरी

इसके बाद, द्वितीय वक्ता डॉ. विनय कुमार सचान, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, जीएसवीएम पीजीआई, कानपुर ने “आईबीएस और आईबीएस रोगी में मेबिवेरिन की भूमिका” पर विचार रखे।

उन्होंने बताया कि आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक व्यक्ति की पाचन क्रिया को प्रभावित करती है। तनाव, अनियमित जीवनशैली और खानपान इसके प्रमुख कारण हैं।
मेबिवेरिन (Mebeverine) नामक दवा इस रोग में राहत देती है क्योंकि यह आंतों की मांसपेशियों को शांत कर गैस, ऐंठन और पेट दर्द में त्वरित राहत देती है। उन्होंने आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन को भी उपचार का जरूरी हिस्सा बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए कानपुर की अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गणेश शंकर, वैज्ञानिक सचिव, तथा मॉडरेशन डॉ. कीर्तिवर्धन सिंह, संयुक्त वैज्ञानिक सचिव द्वारा किया गया।
अंत में डॉ. विकास मिश्रा, सचिव, आईएमए कानपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

चेयरपर्सन के रूप में प्रमुख विशेषज्ञ उपस्थित रहे:

  • डॉ. अर्चना भदौरिया, वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट, लोटस हॉस्पिटल

  • डॉ. मानसी सिंह, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट, रीजेंसी हॉस्पिटल

  • डॉ. ए.एस. अरुण खंडूरी, वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट

  • डॉ. अजीत कुमार रावत, निदेशक, प्रथा अस्पताल

  • डॉ. राहुल कपूर, कंसल्टेंट फिजिशियन

विशेष उपस्थिति में रहे:

  • डॉ. ए.सी. अग्रवाल, चेयरमैन, वैज्ञानिक उप-समिति

  • डॉ. कुणाल सहाय, उपाध्यक्ष, आईएमए कानपुर

  • डॉ. कीर्तिवर्धन सिंह, संयुक्त वैज्ञानिक सचिव

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