उन्नाव: किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित दर पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रमुख सचिव (कृषि) के आदेश पर जिलाधिकारी ने 16 जुलाई 2025 को तीन जांच टीमें गठित कर तहसील स्तर पर व्यापक निरीक्षण अभियान चलवाया।
इस कार्रवाई में उप कृषि निदेशक रविचंद्र प्रकाश की टीम ने पुरवा और बीघापुर तहसील, जिला कृषि अधिकारी शशांक की टीम ने बांगरमऊ और हसनगंज तहसील, तथा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक अनुराग कुमार की टीम ने सदर और सफीपुर तहसील की उर्वरक दुकानों की जांच की।
टीमों ने कुल 65 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें से संदिग्ध स्टॉक वाले 16 नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 8 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि तीन दुकानों – चौरसिया खाद भंडार मटुकरी, वैष्णो कीटनाशक एवं खाद बीज भंडार ब्योली इस्लामाबाद, और शुक्ला पेस्टिसाइड एंड खाद भंडार ब्योली इस्लामाबाद – का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे केवल पीओएस मशीन के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरित करें, जो खतौनी के अनुसार होना चाहिए। साथ ही दुकानों पर स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक व वितरण रजिस्टर तथा कैश मेमो का संधारण अनिवार्य कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दुकान में अनियमितता, ओवररेटिंग, टैगिंग अथवा दुकान बंद मिलने जैसी स्थिति पाई गई, तो संबंधित पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(अंशिका मीडिया ब्यूरो)

