नवदीप चतुर्वेदी : कानपुर नगर में चल रहे कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बिना अग्निशमन विभाग से फायर NOC लिए ही संचालित हो रहे हैं। न सिर्फ ये अस्पताल प्रशासनिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर के अनेक अस्पतालों में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट जैसे कि फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकासी मार्ग और स्मोक डिटेक्टर तक पूरी तरह अनुपलब्ध या खराब अवस्था में हैं। ऐसी स्थिति में यदि अस्पताल परिसर में कभी भी आगजनी की घटना होती है तो वह जानलेवा साबित हो सकती है।
फायर सेफ्टी NOC एक जरूरी दस्तावेज होता है जो यह प्रमाणित करता है कि किसी भी इमारत में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया गया है। बावजूद इसके, कई अस्पताल इसे अनदेखा कर खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जनहित में अंशिका मीडिया की अपील:
प्रशासन तत्काल अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराए और जो अस्पताल फायर NOC के बिना चल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही आमजन से भी अपील है कि किसी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसकी सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी जरूर लें।

