सलोनी तिवारी : बदलती जीवनशैली, तनावपूर्ण दिनचर्या और असंतुलित खानपान ने आज मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारी को सामान्य बना दिया है। इसी विषय पर अंशिका मीडिया की चीफ एडिटर सलोनी तिवारी ने वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. दीपक निगम से खास बातचीत की।
यह चर्चा न केवल डायबिटीज की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि इसके नियंत्रण और बचाव के व्यावहारिक उपाय भी सुझाती है।
डायबिटीज क्या है?
डॉ. दीपक निगम ने बताया कि डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या जो बनता है वह ठीक से कार्य नहीं करता। इसके परिणामस्वरूप खून में ग्लूकोज का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। डॉ. निगम कहते हैं, “डायबिटीज को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।”
मुख्य लक्षणों की पहचान करें:
बार-बार पेशाब आना ज्यादा प्यास लगना थकावट महसूस होना वजन कम होना धुंधला दिखना ज़ख्मों का देर से भरना
किन्हें अधिक खतरा? डॉ. निगम के अनुसार, जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, जिनका वजन अधिक है, जो शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं या 40 वर्ष की आयु के बाद हैं – उन्हें विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। डॉ. दीपक निगम ने जोर देते हुए कहा, इसका नियंत्रण पूरी तरह संभव है — सही खानपान, नियमित व्यायाम, समय पर दवा और मानसिक तनाव से दूरी इसके मुख्य उपाय हैं।”
जीवनशैली में बदलाव ज़रूरी
सलोनी तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में डॉ. निगम ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सुबह का नाश्ता स्किप करते हैं, फास्ट फूड का सेवन करते हैं और नींद पूरी नहीं करते – यही गलत आदतें धीरे-धीरे डायबिटीज की ओर ले जाती हैं। उन्होंने कुछ सुझाव दिए: प्रतिदिन 30 मिनट वॉक करें समय पर और संतुलित आहार लें हरे पत्तेदार सब्जियां और फल शामिल करें मीठे और तेलीय खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें ब्लड शुगर की नियमित जांच कराएं डायबिटीज से डरें नहीं, जागरूक बनें डॉ. दीपक निगम ने कहा, “डायबिटीज से डरने की नहीं, समझदारी से जीवन जीने की ज़रूरत है। यह बीमारी उतनी ही खतरनाक है जितना हम इसे नज़रअंदाज करते हैं।”
-
अधिक जानकारी के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें
नोट : वीडियो HD QUALITY पर अपलोड है. HD वीडियो देखने के लिए अपने फ़ोन से यूट्यूब की सेटिंग FULL HD 1080 पर सेट करें।

