सलोनी तिवारी: हैदराबाद: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन रह चुके शुभांशु शुक्ला अब अंतरिक्ष यात्री के रूप में अपनी पहली उड़ान पर निकल चुके हैं। भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों — इसरो और नासा — के संयुक्त मिशन Axiom-4 को आज 25 जून 2025, भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 बजे सफलतापूर्वक नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।
इस ऐतिहासिक मिशन को लॉन्च करने से पहले कई बार स्थगित किया गया था, लेकिन इस बार मौसम की 90% अनुकूलता के चलते स्पेसएक्स ने हरी झंडी दी और मिशन को सफलतापूर्वक रवाना कर दिया गया।
🚀 क्रू मेंबर्स की टीम:
इस मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:
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Peggy Whitson – मिशन कमांडर (अनुभवी अमेरिकी एस्ट्रोनॉट)
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शुभांशु शुक्ला – पायलट (भारत के पूर्व एयरफोर्स ग्रुप कैप्टन)
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Sławosz Uznanski‑Wiśniewski – मिशन स्पेशलिस्ट (पोलैंड)
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Tibor Kapu – मिशन स्पेशलिस्ट (हंगरी)
Axiom-4 का उद्देश्य अनुसंधान, माइक्रोग्रैविटी में तकनीकी परीक्षण और पृथ्वी से परे मानव अस्तित्व की संभावनाओं का अध्ययन करना है।
शुभांशु शुक्ला का भावुक संदेश:
जैसे ही अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा में पहुँचा, शुभांशु शुक्ला का पहला संदेश आया जिसने करोड़ों भारतीयों का दिल छू लिया। उन्होंने कहा:
“नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों! क्या सफर है! हम 41 साल बाद वापस अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं। यह एक अद्भुत सफर है। हम 7.5 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। मेरे कंधों पर मेरा तिरंगा मुझे बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं। यह मेरी यात्रा नहीं, भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है। आइए, हम सब मिलकर इस सफर का हिस्सा बनें। जय हिंद! जय भारत!“

