सलोनी तिवारी: सोनभद्र/नई दिल्ली। विकसित भारत @2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने किशोर युवतियों के सशक्तिकरण के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के संयुक्त प्रयास से आज उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से ‘नव्या’ (युवा किशोरियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए आकांक्षाओं का पोषण) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर देशभर की हजारों किशोरियों ने वेबकास्ट के माध्यम से वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला।
नव्या: आत्मनिर्भरता की ओर एक नई उड़ान
श्री जयंत चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि ‘नव्या’ केवल एक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किशोरियों में आत्मविश्वास, आर्थिक स्वतंत्रता और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने का माध्यम है। खासकर सोनभद्र जैसे आकांक्षी और आदिवासी जिलों में रहने वाली बेटियों के लिए यह पहल नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
कार्यक्रम के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चिन्हित 16-18 वर्ष की किशोरियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत अल्पकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे भविष्य में स्वरोजगार या छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें।
19 राज्यों के 27 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट
श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि नव्या, किशोरियों के सपनों को पंख देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह कार्यक्रम 19 राज्यों के 27 पूर्वोत्तर और आकांक्षी जिलों में पायलट आधार पर शुरू किया गया है। हर जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं।
आधुनिक और गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण
नव्या कार्यक्रम के तहत किशोरियों को ग्राफिक डिजाइन, दूरसंचार और वित्तीय सेवाएं, स्मार्टफोन और ड्रोन असेंबली, सोलर पीवी और सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, साथ ही हाथ की कढ़ाई जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे किशोरियों को तेजी से बढ़ते नौकरी बाजार में नए अवसरों के लिए सक्षम बनाया जा सकेगा।
प्रमाण पत्र वितरण और संवाद सत्र
कार्यक्रम में PMKVY और पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही लाभार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ, जिसमें किशोरियों ने अपने कौशल विकास की यात्रा और अनुभव साझा किए।
समावेशी विकास की ओर सशक्त पहल
नव्या कार्यक्रम के जरिए भारत सरकार ने एक बार फिर समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस पहल का उद्देश्य है कि हर किशोरी, चाहे वह किसी भी भौगोलिक क्षेत्र या सामाजिक पृष्ठभूमि से हो, उसे कौशल, अवसर और आत्मविश्वास मिले, ताकि वह देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सके।
🌸 हाइलाइट्स:
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19 राज्यों के 27 जिलों में पायलट लॉन्च
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16-18 वर्ष की किशोरियों के लिए मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण
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ग्राफिक डिजाइन, ड्रोन असेंबली, सोलर इंस्टॉलेशन जैसे आधुनिक कोर्स
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प्रमाण पत्र वितरण और संवाद सत्र
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पीएमकेवीवाई और पीएम विश्वकर्मा योजना से संसाधनों का उपयोग

